कोरोना काल में भी अवैध रूप से संचालित हो रहे अवैध कोचिंग सेंटर। जीतू राजा की रिपोर्ट

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कोरोना काल में भी अवैध रूप से संचालित हो रहे अवैध कोचिंग सेंटर

‘ललितपुर नगर में चलने वाले कोचिंग संस्थानों में प्रशासन के निर्देेशाें का नहीं हो रहा पालन’

‘कोचिंग सेंटराें में छात्रों के बीच साेशल डिस्टेंसिंग का भी नहीं रखा जा रहा है ख्याल’

ललितपुर:-कोरोना वायरस महामारी को लेकर सरकार ने स्कूल और कोचिंग संस्थानों को बंद करने के आदेश दिए थे।इसके बाबजूद भी कोचिंग संचालक प्रशासन के नियमों को ताक पर रखकर कोचिंग सेंटर चला रहे हैं।जबकि जनपद में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या दो हजार के पार हो गई है।कोचिंग के संचालक सिर्फ पैसे कमाने के चक्कर में एक-एक परिवार को मुसीबत में डाल रहे हैं।इससे इंकार नहीं किया जा सकता है।कोचिंग सेंटर में सुरक्षित शारीरिक दूरी का पालन नहीं हो रहा है।नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है।ऐसी बात नहीं है कि प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं है।लेकिन प्रशासन का इस दिशा में मौनव्रत कोरोना काल में अच्छे संकेत नहीं हैं।

कोचिंग सेंटर पर छात्र बगैर मास्क के पढ़ने जा रहे हैं एवं एक साथ दर्जनों की संख्या में एक ही स्थान पर एकत्रित होते देखे जा रहे हैं। कोचिंग सेंटर में एकत्रित हो रहे छात्रों से कोरोना संक्रमण फैलने का बड़ा खतरा बना हुआ है।बताते चलें कि शहर में पुराना मवेशी बाजार,तालाबपुरा,देवगढ़ रोड,पुराने सूचना केंद्र के पास,मसौरा बैरियर के पास सहित कई स्थानों पर कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं।वहीं ग्रामीण इलाकों में भी कोचिंग संचालक प्रशासन के नियमों को नजर अंदाज कर अवैध रूप से कोचिंग चला रहे हैं। इन कोचिंग में दर्जनों छात्र-छात्राएं एक साथ बैठकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। एक हल्की सी चूक प्रशासन के साथ साथ अभिभावकों के लिये सिरदर्द साबित हो सकती है।

सुरक्षा के मापदंडाें पर भी खरा नहीं उतरते कई शिक्षण संस्थान’

शहर से लेकर गांव तक खुले कोचिंग संस्थान बिना मानदंड के हैं।प्रशासन द्वारा कोचिंग संस्थानों के लिए बहुत से मानदंड और नियम निर्धारित होते हैं जिनका पालना करना आवश्यक होता है। जैसे संचालित कोचिंग संस्थान की वैधानिक रूप से अनुमति ली है या नहीं, भूमि का कन्वर्जन हुआ है या नहीं है। कोचिंग का भवन पर्याप्त है कि नहीं है, उस तक आने-जाने के लिए सड़क की व्यवस्था है कि नहीं है उसके आस पास पर्याप्त पार्किंग स्थल है कि नहीं है। साथ ही सामान्य सुविधाएं भी उपलब्ध हैं या नहीं। देश में लगातार बड़े-बड़े अग्निकांड हो चुके हैं। इसे ध्यान में रखते हुए कोचिंग सेंटरों पर अग्निशामक का भी व्यवस्था होनी चाहिए। लेकिन कोई भी कोचिंग सेंटर सरकार के मानदंड पर खरे नहीं उतरते हैं।

जीतू राजा की रिपोर्ट

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